चंडीगढ़, 22 नवंबर। पंजाब विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) में आज भारतीय फार्माकोलॉजिकल सोसायटी का 55वां वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'आईपीएसकॉन- 2025' सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में दवा खोज से क्लिनिक तक की यात्रा, अनुवादात्मक शोध, फार्माकोविजिलेंस, हर्बल-ड्रग अंतः क्रियाओं के खतरे, नैनो तकनीक और भारत को सक्रिय फार्मास्यूटिकल सामग्री (एपीआई) तथा मुख्य प्रारंभिक सामग्री (केएसएम) में आत्म निर्भर बनाने पर गहन चर्चा हुई।