चंडीगढ़, (प्रोसन बर्मन) भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर चुनाव आयोग तथा विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। रविवार को सेक्टर-33 स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘कमलम’ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बिना ठोस तथ्यों के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
मल्होत्रा ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया गया भ्रम चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद दूर हो गया है। उनके अनुसार, यह पत्र किसी चुनावी नीति अथवा विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक विषय था। इसे चुनाव आयोग की नीतिगत प्रक्रिया से जोड़ना तथ्यों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत करना है।
प्रपत्र-6 को लेकर भी भ्रम फैलाने का आरोप
मल्होत्रा ने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रपत्र-6 की व्यवस्था है और विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान भी पात्र नागरिकों को नियमानुसार आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से घर-घर संपर्क और आवेदन प्राप्त करने का उद्देश्य पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग की मौजूदा मतदाता सेवा व्यवस्था में भी नए मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 उपलब्ध है। Voters ECI
मल्होत्रा ने कहा कि विपक्ष को किसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले आधिकारिक तथ्यों और स्पष्टीकरण को सामने रखना चाहिए।
कांग्रेस की राजनीति पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की कार्यप्रणाली पर समय-समय पर उठाए गए सवालों का उल्लेख किया। उन्होंने 2019 के राफेल मामले में ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी और बाद में राहुल गांधी द्वारा अदालत में बिना शर्त माफी मांगे जाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
मल्होत्रा ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा तथा जनता के विश्वास का सम्मान करने की अपील की।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. धरिंदर तायल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता बरकरार रखी थी। हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि आयोग द्वारा दस्तावेजों से संबंधित व्यवस्था बनाने की शक्ति असीमित नहीं है और उसे मौजूदा कानूनी व्यवस्था तथा निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। Science and Technology Department
तायल ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद वह चुनाव आयोग, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और मतदाता सूचियों की तारीफ करती है, जबकि अन्य चुनावों में जनादेश उसके पक्ष में नहीं आने पर इन्हीं संस्थाओं पर सवाल उठाती है।