चंडीगढ़, पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मिली रिपोर्ट के बाद की गई है। सीबीआई ने मंगलवार को चंडीगढ़ सहित पंजाब के विभिन्न शहरों में आठ ठिकानों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया।
आईएएस-आईपीएस की पोस्टिंग प्रभावित करने का आरोप
सीबीआई के अनुसार एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित और नियंत्रित करने, विभागीय कार्यवाही, नीतियां बनाने, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों और लाइसेंस से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप किया।
जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद तथा राजस्व और भूमि संबंधी मामलों को भी कथित तौर पर प्रभावित करने के आरोप हैं। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने सरकार की ओर से आदेश और नीतियां जारी होने से पहले उनके मसौदे निजी लोगों तक पहुंचाए।
चंडीगढ़ समेत सात स्थानों पर आठ ठिकानों पर तलाशी
सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में आठ ठिकानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कुछ ऐसी सामग्री जब्त की गई है, जिसकी जांच की जा रही है।
सीबीआई के मुताबिक जब्त सामग्री से रिश्वतखोरी और कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य मिलने की जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
इन छह के खिलाफ मामला दर्ज
सीबीआई ने छह लोगों को नामजद किया है। इनमें पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा शामिल हैं। इनके अलावा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को भी एफआईआर में शामिल किया गया है।
सीबीआई ने कहा है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी और रिश्वतखोरी में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए जांच कर रही है।