चंडीगढ़,( प्रोसन बर्मन ) स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के स्तन एवं एंडोक्राइन सर्जरी विभाग ने आधुनिक तकनीकों के समन्वय से स्तन कैंसर के उपचार और पुनर्निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अस्पताल में कॉन्ट्रास्ट-एन्हांस्ड मैमोग्राफी (सीईएम), फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और चौथी पीढ़ी के 'दा विंची शी' रोबोटिक सिस्टम की मदद से महिलाओं का प्रभावी इलाज किया जा रहा है, जिससे न केवल बीमारी का सटीक खात्मा हो रहा है बल्कि स्तन का प्राकृतिक रूप भी सुरक्षित रखा जा रहा है।
विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नवल बंसल के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने एडवांस्ड डायग्नोस्टिक इमेजिंग, सटीक सर्जिकल तकनीकों और नवीन पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) विधियों को एक साथ जोड़ा है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर के पूर्ण निवारण के साथ-साथ महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता और कॉस्मेटिक परिणामों को बेहतर बनाना है।
हाल ही में 45 वर्षीय एक महिला के स्तन में गांठ की समस्या सामने आई थी। सीईएम जांच के माध्यम से पता चला कि ट्यूमर दो अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ था, जो पारंपरिक इमेजिंग में स्पष्ट नहीं हो रहा था। डॉक्टरों ने वाइड लोकल एक्सीजन और एसपीवाई-पीएचआई फ्लोरेसेंस इमेजिंग की मदद से सेंटिनल लिम्फ नोड्स की सटीक पहचान कर दोनों गांठों को निकाला। इसके बाद बगल के टिश्यूज से फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कर स्तन के प्राकृतिक आकार को बरकरार रखा गया।
रोबोटिक तकनीक से निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी
एक अन्य मामले में, मल्टी-सेंट्रिक स्तन कैंसर से पीड़ित युवा महिला की 'दा विंची शी' रोबोट की मदद से सफल रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी की गई। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त टिश्यूज को पूरी तरह हटाते हुए निप्पल और बाहरी त्वचा को सुरक्षित रखा गया तथा इम्प्लांट की सहायता से स्तन का पुनर्निर्माण किया गया। डॉ. नवल बंसल ने बताया कि इन उन्नत तकनीकों के एकीकरण से सर्जरी के परिणाम सटीक रहते हैं और मरीज आत्मविश्वास के साथ सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।