चंडीगढ़, (प्रोसन बर्मन) कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्वर्गीय पिता के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके विरोध में सोमवार को चंडीगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन का घेराव करने के लिए कूच किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय 'कमलम' से हुई। यहां से सैकड़ों की संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए सेक्टर-34 से होते हुए कांग्रेस भवन की ओर बढ़े। प्रदर्शन की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और आकाशवाणी केंद्र के पास मजबूत बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया था।
बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास
जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री व उनके दिवंगत पिता के खिलाफ की गई टिप्पणी पर गहरी नाराजगी जताई।
लोकतांत्रिक मर्यादा और संस्कृति के खिलाफ : रामवीर भट्टी
प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह हो सकता है, लेकिन किसी के परिवार और दिवंगत पिता को निशाना बनाना भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के पूरी तरह विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को व्यक्तिगत टिप्पणियों की बजाय विकास और जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
राजनीतिक संवाद का स्तर गिरा रही है कांग्रेस : अरुण सूद
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का आधार विचार, नीतियां और जनसेवा होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अपमानजनक टिप्पणियां करना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है, जिसकी आलोचना तर्कों के आधार पर की जा सकती है, लेकिन इस तरह की ओछी भाषा का प्रयोग राजनीतिक संवाद के स्तर को गिराता है।
इस उग्र प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश पांचाल, इंदिरा सिंह, दविंदर बबला, संजीव राणा, शक्ति प्रकाश देवशाली, मीडिया संयोजक रवि रावत, युवा मोर्चा अध्यक्ष अभय झा, महामंत्री प्रिया पासवान, जिला अध्यक्ष रविंद्र मलिक, रेखा सूद, भूपेंद्र सैनी, अनूप गुप्ता, सोनू सरपंच, एससी मोर्चा अध्यक्ष अमित खैरवाल और किसान मोर्चा के मनदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।