चंडीगढ़, (प्रोसन बर्मन ) भगवान वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने वाल्मीकि जी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर नमन किया और प्रदेशवासियों को जयंती की आश्विन-शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भगवान वाल्मीकि की महान शिक्षाओं को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन और उनका दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए एक अमूल्य धरोहर है। उनके द्वारा रचित महाकाव्य 'रामायण' न केवल भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, बल्कि यह हर युग में मनुष्य को कर्तव्य-परायणता, मर्यादा और उच्च नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाता है।
सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश
राज्यपाल ने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वे भगवान वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और समरसता को बढ़ावा देकर ही एक सशक्त और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। ऐसे महान संतों और ऋषियों के विचार आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं, जो हमें प्रेम, करुणा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।