Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• तबादलों के नाम पर पैसे लेने के आरोप : भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई के सामने पेश हुए पंजाब सीएम के ओएसडी • सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर '100% टीम्स, 0% ड्रग्स' थीम के तहत वॉलीबॉल टूर्नामेंट • मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक की • 'स्वच्छता ज्ञान यात्रा' के तहत नगर निगम की पहल, डड्डूमाजरा में सीखा कचरा प्रबंधन • सेक्टर 34 थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, छीने गए सोने के टॉप्स और एक्टिवा बरामद • फोर्टिस मोहाली ने एडवांस्ड इमेजिंग व रोबोटिक्स से स्तन कैंसर के इलाज में हासिल की सफलता • नमो क्रिकेट लीग ने रचा विश्व रिकॉर्ड : वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया ने मेडल और प्रमाणपत्र देकर किया सम्मानित • त्योहारी सीजन से पहले चण्डीगढ़ व्यापार मंडल ने ट्रैफिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चंडीगढ़ पुलिस के समक्ष उठाए • चंडीगढ़ अब वृंदावन बनने जा रहा है, सभी श्रद्धालु कथा सुनने जरूर आएं” : पंडित अनुज शास्त्री • नगर निगम के वाटर टैंक में लीकेज के चलते मरम्मत कार्य जारी, 2 टैंकरों से की जा रही जलापूर्ति

हिमाचल प्रदेश

किफायती व सुलभ स्वास्थ्य समाधान विकसित करे एम्स : राष्ट्रपति

Updated on Tuesday, October 06, 2026 21:32 PM IST

बिलासपुर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देशवासियों को कम खर्च पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की बढ़ती कीमत मरीजों तथा उनके परिवारों के लिए एक गंभीर चुनौती है। ऐसे में एम्स जैसे अग्रणी संस्थानों के पास किफायती, सुलभ और कम लागत वाले स्वास्थ्य सेवा समाधान विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।


राष्ट्रपति ने युवा चिकित्सकों का आह्वान करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशे का मूल उद्देश्य केवल आजीविका नहीं, बल्कि निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बीमार व्यक्ति जब डॉक्टर के पास पहुंचता है तो वह बीमारी के भय और अनिश्चितता के बीच बड़ी उम्मीद लेकर आता है। ज्ञान से रोग की सटीक पहचान और कौशल से उपचार संभव है, लेकिन चिकित्सक का संवेदनशील व करुणामयी व्यवहार ही मरीज को संबल देता है। डॉक्टरों को अपनी पेशेवर दक्षता के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी आत्मसात करना चाहिए।


दुर्गम क्षेत्रों के लिए बने टेलीमेडिसिन का केंद्र
एम्स बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तक समय पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बहुआयामी चुनौती है। उन्होंने संस्थान से उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सुविधा (टर्शियरी केयर) का अग्रणी केंद्र बनने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि टेलीमेडिसिन, दूरवर्ती इलाकों के लिए विशेषज्ञ परामर्श, स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के विशेष प्रशिक्षण और आधुनिकतम तकनीकों के उपयोग से पहाड़ी क्षेत्रों के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जाना चाहिए।
एम्स पर देशवासियों का अटूट भरोसा
राष्ट्रपति ने कहा कि न्यूनतम लागत में उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा ही एम्स की विशिष्ट पहचान है। आम जनता के लिए एम्स का अर्थ देश के सर्वाधिक योग्य और दक्ष चिकित्सकों द्वारा उपचार पाना है। इसी भरोसे को जन-जन तक सुलभ कराने और मेधावी युवाओं को उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों में नए एम्स स्थापित किए गए हैं। उन्होंने गंभीर बीमारियों के आर्थिक बोझ का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई' योजना का हवाला दिया, जिसके तहत कमजोर वर्गों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।
'ज्ञान से उपचार, करुणा से मरीज को मिलता है संबल'
नवागत चिकित्सकों को मानवीय मूल्यों की सीख देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केवल तकनीकी डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर का आत्मीय और संवेदनशील व्यवहार मरीज की आधी तकलीफ दूर कर देता है। तकनीकी ज्ञान के साथ मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन ही एक चिकित्सक को वास्तव में श्रेष्ठ बनाता है।

Have something to say? Post your comment
X