चंडीगढ़ । चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के निदेशक मंडल की 435वीं बैठक आज एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, मुख्य सचिव, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़-सह-अध्यक्ष, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दिप्रवा लाकड़ा, वित्त सचिव; डी. कार्तिकेयन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी; खुशप्रीत कौर, सहायक संपदा अधिकारी; राजीव मेहता, मुख्य वास्तुकार; सी. बी. ओझा, मुख्य अभियंता; सीएचबी निदेशक मंडल के गैर-सरकारी सदस्य बलबीर सिंह ढोल, विनोद जोशी एवं शक्ति प्रकाश देवशाली; सौरभ कुमार अरोड़ा, सचिव, सीएचबी तथा जसविंदर सिंह, मुख्य अभियंता, सीएचबी उपस्थित रहे।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने आवंटियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों को मंजूरी दी। इनमें जीपीए हस्तांतरण नीति को पुनः लागू करना, स्मॉल फ्लैट्स योजना–2006 एवं किफायती किराया आवास परिसर योजना (एआरएचसी) के लाइसेंसधारकों के लिए एकमुश्त ब्याज माफी, एआरएचसी योजना के अंतर्गत लाइसेंस शुल्क का युक्तिकरण तथा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों को अनुग्रह राशि एवं दिवाली उपहार प्रदान करना शामिल है।
बोर्ड ने वर्ष 2016 की जीपीए हस्तांतरण नीति को संशोधनों के साथ पुनः लागू करने की मंजूरी दी। यह निर्णय उन आवंटियों की मांग के मद्देनज़र लिया गया है, जो पूर्व में इस नीति का लाभ नहीं उठा सके थे। यह नीति केवल 11 अक्टूबर 2011 से पहले निष्पादित जीपीए पर लागू होगी। यह कटऑफ तिथि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सूरज लैंप मामले में पारित आदेशों के अनुरूप है। बोर्ड ने एकबारगी अपवाद के रूप में छह महीने की अवधि के लिए इस नीति को मंजूरी दी है।
बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स योजना–2006 और एआरएचसी योजना के लाइसेंसधारकों के लिए एकमुश्त ब्याज माफी योजना की सिफारिश की। इसमें वे लाइसेंसधारक भी शामिल हैं, जिनके लाइसेंस भुगतान न करने के कारण रद्द किए गए थे। इस योजना के तहत लगभग ₹20 करोड़ की ब्याज माफी की सिफारिश की गई है, जिससे लगभग 14,000 आवंटियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा। आवंटियों द्वारा यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। योजना का लाभ लेने के लिए लाइसेंसधारकों को 31 अक्टूबर 2026 तक की समस्त बकाया देय राशि का भुगतान एकमुश्त अथवा किस्तों में 31 अक्टूबर 2027 से पहले या लाइसेंस अवधि समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो, करना होगा।
बोर्ड ने एआरएचसी योजना के अंतर्गत आवंटित फ्लैटों के लाइसेंस शुल्क के युक्तिकरण संबंधी एजेंडे को भी मंजूरी दी। इस योजना के तहत सेक्टर 52 एवं सेक्टर 56 में स्थित प्री-फैब्रिकेटेड आश्रयों के निवासियों को लगभग 2,000 फ्लैट आवंटित किए गए हैं। इनका मासिक लाइसेंस शुल्क ₹3,000 निर्धारित किया गया था, जबकि स्मॉल फ्लैट्स योजना–2006 के तहत मासिक लाइसेंस शुल्क ₹800 था। एआरएचसी योजना के आवंटी लंबे समय से अपने लाइसेंस शुल्क को स्मॉल फ्लैट्स योजना–2006 के आवंटियों के बराबर करने की मांग कर रहे थे।
बोर्ड ने मंजूरी दी कि गरीब लाभार्थियों, जिनकी सभी स्रोतों से सकल वार्षिक आय ₹1.5 लाख से कम है, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्राथमिकता परिवार कार्डधारकों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों और विधवाओं से स्मॉल फ्लैट्स योजना–2006 के समान लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों को वर्ष 1985 से दी जा रही अनुग्रह राशि एवं दिवाली उपहार की राशि में भी वृद्धि की।
प्रस्तावित उपाय माननीय प्रशासक, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होंगे तथा अंतिम स्वीकृति में निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अधीन रहेंगे।