चंडीगढ़, ( प्रोसन बर्मन ) सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में शुक्रवार को 29वें सीआईआई चंडीगढ़ मेले का आगाज हुआ। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रिबन काटकर चार दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। मेले में देशभर के 250 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा और क्षेत्रीय कलाओं के साथ पहुंचे हैं। यह मेला 2 नवंबर तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह के बाद फतेहगढ़ साहिब के नेशनल कलगीधर गतका अखाड़ा ग्रुप ने पारंपरिक गतका कला का प्रदर्शन किया। कोच हरसिमरन सिंह के नेतृत्व में आए इस दल में राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेता युवा कलाकार शामिल थे। राज्यपाल ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और प्रदर्शकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कारीगरों और कारोबारियों को मंच देने के साथ चंडीगढ़ की व्यावसायिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं।
तीन हॉल में हस्तशिल्प, हथकरघा और जीवनशैली के उत्पाद
मेले में तीन बड़े प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं। इनमें होम डेकोर, इंटीरियर, फैशन, लाइफस्टाइल, वेलनेस, हस्तशिल्प, हथकरघा और खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। पश्चिम बंगाल राज्य मंडप और केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के राष्ट्रीय जूट बोर्ड के स्टॉल विशेष आकर्षण हैं। करीब 60 प्रतिशत प्रदर्शक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जुड़े हैं।
मेले के बाहर नॉर्थ इंडिया ऑटो शो में मारुति सुजुकी, महिंद्रा, इसुजु, टाटा, हुंडई और रेनो सहित प्रमुख वाहन कंपनियों ने अपने वाहन प्रदर्शित किए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
जूट की कलाकृतियों से लेकर हस्तनिर्मित कालीन तक आकर्षण
मेले के पहले दिन विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों ने लोगों का ध्यान खींचा। राष्ट्रीय जूट बोर्ड के माध्यम से कई राज्यों के उद्यमों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। इनमें लक्ष्मीकांतपुर के सब्यसाची पोद्दार की 'सोवरानी क्रिएशंस' विशेष आकर्षण रही। यहां हाथ से बनाई गई जूट की मूर्तियां और कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। राज्य पुरस्कार प्राप्त पोद्दार के इस उद्यम को दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं। यह स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ता है।
पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों की महिला कारीगरों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित कालीन भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। वर्ष 2008 में स्थापित कोरा बाग न्यूजीलैंड से प्राप्त ऊन से कालीन तैयार करता है।
पंजाब की विरासत का डिजिटल संग्रह भी प्रदर्शित
पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी ने अपने स्टॉल पर पंजाब के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के प्रयासों की जानकारी दी। वर्ष 2003 में स्थापित इस लाइब्रेरी के ऑनलाइन संग्रह में एक लाख से अधिक पुस्तकें और दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र हैं। वहीं, ब्लूमिंग होम्स ने प्राकृतिक लकड़ी से बने फर्नीचर और गृह सज्जा के उत्पाद प्रदर्शित किए। संस्था लकड़ी के हर हिस्से का उपयोग कर सामग्री की बर्बादी रोकने पर जोर देती है।
मेले में सेबी ने अपने 'प्रोजेक्ट जागरूक' के माध्यम से निवेशकों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचने और सही निवेश निर्णय लेने के प्रति जागरूक किया। इस स्टॉल का दौरा पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के एडीजीपी एवं निदेशक लक्ष्मी कांत यादव ने किया।