नई दिल्ली, भारत में समावेशी सिनेमा और विकलांगजन सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाले युवा कलाकार शिव कुमार शर्मा को एनएबी सुधा वर्मा यंग अचीवर अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें कानूनी जागरूकता, सामाजिक मुद्दों और दिव्यांग अधिकारों को सिनेमा के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रदान किया गया। यह अवॉर्ड नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) दिल्ली की ओर से इंटरनेशनल डे ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज के अवसर पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘मेधा 2025 अवॉर्ड समारोह’ में प्रदान किया गया।
शिव कुमार शर्मा की प्रमुख और प्रेरक पहचान बनी है फिल्म ‘रब दी आवाज़’ के माध्यम से—जो देश की पहली मल्टी-इनक्लूसिव और मल्टी-एक्सेसिबल हिंदी फीचर फिल्म है। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में सुगम्यता और समावेशन की दिशा में अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है।
एवॉर्ड समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म निर्देशक ओजस्वी शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने ही ‘रब दी आवाज़’ का निर्देशन किया है, जिसमें शिव कुमार शर्मा ने अभिनव शर्मा के साथ प्रमुख भूमिका निभाई है। फिल्म के असिस्टेंट एडिटर श्रीधर गुप्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
रब दी आवाज़ को पिनाका मीडिया वर्क्स, रोलिंग फ्रेम्स मोशन पिक्चर्स और मास्टरशॉट पिक्चर्स ने संयुक्त रूप से प्रोड्यूस किया है, जबकि आरएफई टीवी रोलिंग फ्रेम्स एंटरटेनमेंट ने इसे सुगम्य प्रारूपों में विश्वभर में रिलीज़ और डिस्ट्रीब्यूट किया है। यह फिल्म 100 सप्ताह पूरे कर 24वें महीने में प्रवेश कर चुकी है, और दो वर्ष पूरे करने की ओर अग्रसर है।
एनएबी सुधा वर्मा यंग अचीवर अवॉर्ड स्व. सुधा वर्मा की स्मृति में रश्मि किरण मलिक, सुमित रंजन वर्मा और प्रशांत रंजन वर्मा द्वारा स्थापित किया गया है। यह सम्मान हर वर्ष दृष्टिबाधित युवा प्रतिभाओं को संगीत, खेल, कला, एडवेंचर और अन्य गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए दिया जाता है।
यह उपलब्धि न केवल शिव कुमार शर्मा के संकल्प और प्रतिभा की पहचान है, बल्कि ‘रब दी आवाज़’ को सामाजिक बदलाव, समानता और समावेशन की मुखर आवाज़ के रूप में और भी मजबूती प्रदान करती है।