नई दिल्ली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग बढ़ाने के लिए नेशनल पीएनजी ड्राइव-3.0 शुरू की है। इसके साथ उपभोक्ताओं के लिए एकीकृत डिजिटल ‘मायपीएनजी पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया। पीएनजीआरबी के 20वें स्थापना दिवस पर डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन पहलों की शुरुआत की।
पुरी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत ने घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों के बड़े झटकों से बचाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने पर काम किया है। उन्होंने ‘समुद्र मंथन’ योजना के तहत 84,084 करोड़ रुपये और गोबरधन के लिए 23,731 करोड़ रुपये के आवंटन का उल्लेख किया।
छह माह में 12.10 लाख नए कनेक्शन
मंत्री ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच नेशनल पीएनजी ड्राइव-2.0 के तहत करीब 12.10 लाख नए पीएनजी कनेक्शन और 15.31 लाख डीपीएनजी पंजीकरण हुए। इस दौरान प्रतिदिन नए डीपीएनजी कनेक्शन जुड़ने की संख्या 4,702 से बढ़कर करीब 7,000 हो गई। बिल वाले उपभोक्ताओं की दैनिक संख्या भी करीब 2,781 से बढ़कर 7,500 हो गई।
उन्होंने बताया कि देश के लगभग पूरे क्षेत्र को सिटी गैस वितरण के लिए अधिकृत किया जा चुका है। करीब 35,000 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन भी अधिकृत की गई है। सरकार प्राकृतिक गैस की प्राथमिक ऊर्जा में हिस्सेदारी को मौजूदा करीब छह प्रतिशत से बढ़ाना चाहती है।
कार्यक्रम में पीएनजीआरबी एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 भी प्रदान किए गए। सिटी गैस वितरण नेटवर्क, प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को परिचालन दक्षता, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सम्मानित किया गया।
डिजिटल निगरानी पर भी जोर
पुरी ने नेशनल हाइड्रोकार्बन इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएचआईएमएस) का भी उल्लेख किया। इसमें बुनियादी ढांचे, प्रशासन, परिवहन, भौगोलिक और उपग्रह संबंधी आंकड़ों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। इससे निगरानी, योजना और नियामकीय फैसलों को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।